गà¥à¤œà¤°à¤¾à¤¤ पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥à¤¤ में काकरेची पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ के अनà¥à¤¤à¤°à¥à¤—त दियोधर नाम का गाà¤à¤µ है। अगराजी बाघेला दियोधर के ठाकà¥à¤° थे और काकरेची उनà¥à¤¹à¥€à¤‚ की पà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ थी। काकरेची बहà¥à¤¤ बà¥à¤¦à¥à¤§à¤¿à¤®à¤¾à¤¨ थी। काकरेची बाघेली की कावà¥à¤¯-सृजन में रूचि थी। इस विदà¥à¤·à¥€ महिला का विवाह मारवाड़ के पशà¥à¤šà¤¿à¤® में सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ सांचोर परगने के सोनगरा चौहान राव बलà¥à¤²à¥‚ पà¥à¤¤à¥à¤° नरहरदास के साथ हà¥à¤† था।
नरहरदास अपने पिता की à¤à¤¾à¤‚ति बड़ा वीर और साहसी था। सचà¥à¤šà¥‡ कà¥à¤·à¤¤à¥à¤°à¤¿à¤¯ की à¤à¤¾à¤‚ति वह शाहजहाठके लड़के से यà¥à¤¦à¥à¤§ करते हà¥à¤ रणखेत रहा। इसकी सूचना जब काकरेची के पास पहà¥à¤‚ची तो ततà¥à¤•ाल उसने विधवा वेश धारण कर अपनी पति परायणता का परिचय दिया। नरहरदास की शकà¥à¤² से मिलता-जà¥à¤²à¤¤à¤¾ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ नरहरदास का वेश बनाकर उसके पिता अगराजी के पास आया। अपने आपको नरहरदास बताकर काकरेची सतीतà¥à¤µ à¤à¤‚ग का यह à¤à¤• षड़यनà¥à¤¤à¥à¤° था। उसके à¤à¥à¤²à¤¾à¤µà¥‡ में काकरेची बाघेली के पिता अगराजी गये और अपनी पà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ को समà¤à¤¾à¤¯à¤¾ कि नरहरदास जीवित है और उनके रणखेत की घटना असतà¥à¤¯ है। अतः तà¥à¤® अपने वैधवà¥à¤¯ के पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤• इन वसà¥à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ को उतार कर सà¥à¤¹à¤¾à¤—िन का वेश धारण करो।
काकरेची बाघेली, जिसे अपने पति पर à¤à¤°à¥‹à¤¸à¤¾ था और उसके वीरोचित सà¥à¤µà¤à¤¾à¤µ से वह परिचित थी कि वह शतà¥à¤°à¥ के हाथ पराजित होकर जीवित घर नहीं लौट सकते, अपने संकलà¥à¤ª पर दृढ़ रही। पिता दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ à¤à¤°à¥‹à¤¸à¤¾ दिलाने के उपरानà¥à¤¤ à¤à¥€ उस वीर नारी के हà¥à¤°à¤¦à¤¯ में किसी तरह का असमंजस नहीं हà¥à¤†à¥¤ अपने पिता को उतà¥à¤¤à¤° देते हà¥à¤ काकरेची बाघेली ने निवेदन किया —
धर काळी काकर धरा, अध काळा अगरेस।
नरहर नेजां बाजिया, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ पलटाऊ बेस।।
अनà¥à¤¤ में यह सतà¥à¤¯ सबके सामने पà¥à¤°à¤•ट हो जाता है कि नरहरदास जीवित नहीं हैं। उसका रूप बनाकर आने वाला हमशकà¥à¤² कोई दूसरा ही वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ था और धोखा देने की नीयत से आया था। परनà¥à¤¤à¥ इस पà¥à¤°à¤•ार के छलावे में काकरेची बाघेली जैसी वीर राजपूत नारी कब आने वाली थी।
डा.विकà¥à¤°à¤®à¤¸à¤¿à¤‚ह राठौड़,गà¥à¤¨à¥à¤¦à¥‹à¤œ
राजसà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥€ शोध संसà¥à¤¥à¤¾à¤¨, चोपासनी, जोधपà¥à¤°
यदि आप à¤à¤¸à¥€ गà¥à¤£à¤µà¤¤à¥€ व पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤µà¤¾à¤¨ कनà¥à¤¯à¤¾ के लिठसà¥à¤¯à¥‹à¤—à¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ वर की तलाश में है तो आज ही राजशाही विवाह – Rajput Matrimonial Website पर अपना पंजीयन निशà¥à¤²à¥à¤• करवायें।
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राजसà¥à¤¥à¤¾à¤¨ के मारवाड़ राजà¥à¤¯ में आलणियावास गà¥à¤°à¤¾à¤® के ठाकà¥à¤° विजयसिंह की धरà¥à¤®à¤ªà¤¤à¥à¤¨à¥€ बजरंग दे कछवाही…
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