मà¥à¤²à¥à¤¤à¤¾à¤¨ की राजकà¥à¤®à¤¾à¤°à¥€ रूपसà¥à¤‚दरी गà¥à¤œà¤°à¤¾à¤¤ के राजा जयशिखर की रानी थी। रूपसà¥à¤‚दरी का सौनà¥à¤¦à¤°à¥à¤¯ अपà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤® था, फिर à¤à¥€ उसे अà¤à¤¿à¤®à¤¾à¤¨ छू तक नहीं गया था। विवेक, विनय और सहिषà¥à¤£à¥à¤¤à¤¾ आदि गà¥à¤£à¥‹à¤‚ से समà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ होने के कारण उसकी सरà¥à¤µà¤¤à¥à¤° खà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¤¿ फ़ैल गयी। गà¥à¤œà¤°à¤¾à¤¤ के समीप ही सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ à¤à¥à¤µà¤¡ नामक राजà¥à¤¯ का राजा, जिसकी सैनà¥à¤¯ शकà¥à¤¤à¤¿ गà¥à¤œà¤°à¤¾à¤¤ से बहà¥à¤¤ अधिक थी, समृदà¥à¤§à¤¿ और रूपसà¥à¤‚दरी की पà¥à¤°à¤¸à¤¿à¤¦à¥à¤§à¤¿ से ललचाकर उस पर आकà¥à¤°à¤®à¤£ कर देता है। यà¥à¤¦à¥à¤§ का परिणाम पहले ही जà¥à¤žà¤¾à¤¤ था फिर à¤à¥€ अपने पति को यà¥à¤¦à¥à¤§ के लिठरूपसà¥à¤‚दरी ने तैयार किया। यà¥à¤¦à¥à¤§ के à¤à¤¯ से पलायन करना या à¤à¤¾à¤—ना कà¥à¤·à¤¤à¥à¤°à¤¿à¤¯ का धरà¥à¤® नहीं होता। कà¥à¤·à¤¤à¥à¤°à¤¿à¤¯ तो पà¥à¤°à¤œà¤¾ की रकà¥à¤·à¤¾à¤°à¥à¤¥ यà¥à¤¦à¥à¤§ में पà¥à¤°à¤¾à¤£à¥‹à¤¤à¥à¤¸à¤°à¥à¤— करना अपना पà¥à¤¨à¥€à¤¤ करà¥à¤® मानता है। इसी à¤à¤¾à¤µ से जयशिखर ने यà¥à¤¦à¥à¤§ किया उसमें वीरगति को पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ हà¥à¤†à¥¤
रानी रूपसà¥à¤‚दरी उस समय गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ थी। अपने पति और राजà¥à¤¯ को समापà¥à¤¤ हà¥à¤† देख वह अपने गरà¥à¤à¤¸à¥à¤¥ शिशॠà¤à¤µà¤‚ सà¥à¤µà¤¯à¤‚ के सतीतà¥à¤µ की रकà¥à¤·à¤¾à¤°à¥à¤¥ वन में à¤à¤¾à¤— गई। जंगल में गरीब à¤à¥€à¤²à¤¨à¥€ के साथ रहकर अपने कषà¥à¤Ÿ के दिन बिताने लगी। वहीं उसने à¤à¤• पà¥à¤¤à¥à¤° को जनà¥à¤® दिया जिसका नाम वनराज रखा। रूपसà¥à¤‚दरी ने अपने पà¥à¤¤à¥à¤° का लालन-पालन किया और जब वह शसà¥à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤¸à¥à¤¤à¥à¤° विदà¥à¤¦à¥à¤¯à¤¾ में पारंगत होकर यà¥à¤µà¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ को पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ हà¥à¤† तब उसने अपने पिता का बदला लेने की बात वनराज से कही। वनराज ने à¤à¥€à¤²à¥‹à¤‚ की सेना तैयार कर à¤à¥à¤µà¤¡ के राजा पर आकà¥à¤°à¤®à¤£ किया। यà¥à¤¦à¥à¤§ में उसे परासà¥à¤¤ कर अपने देश गà¥à¤œà¤°à¤¾à¤¤ पर पà¥à¤¨à¤ƒ आधिपतà¥à¤¯ सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¿à¤¤ किया।
रानी रूपसà¥à¤‚दरी के पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ और सततॠपà¥à¤°à¥‡à¤°à¤£à¤¾ का ही यह परिणाम थे कि पति दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ हारे गये राजà¥à¤¯ को उसने अपने पà¥à¤¤à¥à¤° को योगà¥à¤¯ और वीर बनाकर पà¥à¤¨à¤ƒ हसà¥à¤¤à¤—त किया।
डा.विकà¥à¤°à¤®à¤¸à¤¿à¤‚ह राठौड़,गà¥à¤¨à¥à¤¦à¥‹à¤œ
राजसà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥€ शोध संसà¥à¤¥à¤¾à¤¨, चोपासनी, जोधपà¥à¤°
यदि आप à¤à¤¸à¥€ गà¥à¤£à¤µà¤¤à¥€ व पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤µà¤¾à¤¨ कनà¥à¤¯à¤¾ के लिठसà¥à¤¯à¥‹à¤—à¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ वर की तलाश में है तो आज ही राजशाही विवाह – Rajput Matrimonial Website पर अपना पंजीयन निशà¥à¤²à¥à¤• करवायें।
Mr. Gagan Singh Shekhawat is a renowned online marketer with an exceptional caliber. With extensive experience in internet marketing, Mr. Singh always wanted to unfold the majestic and mystical glory of India and share it with others across the world. And, here the foundation of ‘Our Society’ took place. Our society is the brain child of Mr. Gagan Singh Shekhawat. Whether it is social, cultural, political, and historical or anything else, we’ve not left any stone unturned. I strongly believe that blogging can do wonder and therefore, i came up with unique concept of ‘Our Society’ to help you unveiling the magnificent glory of India.
राजसà¥à¤¥à¤¾à¤¨ के मारवाड़ राजà¥à¤¯ में आलणियावास गà¥à¤°à¤¾à¤® के ठाकà¥à¤° विजयसिंह की धरà¥à¤®à¤ªà¤¤à¥à¤¨à¥€ बजरंग दे कछवाही…
अजबदे सà¥à¤µà¤¤à¤¨à¥à¤¤à¥à¤°à¤¤à¤¾ पà¥à¤°à¥‡à¤®à¥€, सà¥à¤µà¤¾à¤à¤¿à¤®à¤¾à¤¨à¥€ वीरवर महाराणा पà¥à¤°à¤¤à¤¾à¤ª की रानी थी। ततà¥à¤•ालीन अनà¥à¤¯ रियासतों के राजा…
चनà¥à¤¦à¥à¤°à¤¾à¤µà¤¤à¥€ के राजा जैतसिंह की पà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ अचà¥à¤›à¤¨ कà¥à¤®à¤¾à¤°à¥€ ने पृथà¥à¤µà¥€ राज चौहान की वीरता और…
चितà¥à¤¤à¥Œà¤¡à¤¼ की रानी पदà¥à¤®à¤¿à¤¨à¥€ रावल समरसिंह के बाद उसका पà¥à¤¤à¥à¤° रतà¥à¤¨à¤¸à¤¿à¤‚ह चितà¥à¤¤à¥Œà¤¡à¤¼ की गदà¥à¤¦à¥€ पर बैठा…
आज रविवार दिनांक २१ जà¥à¤²à¤¾à¤ˆ २०२४ को जयपà¥à¤° की कà¥à¤·à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤£à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ ने à¤à¤• à¤à¤¤à¤¿à¤¹à¤¾à¤¸à¤¿à¤• आयोजन किया।…
महाराणा पà¥à¤°à¤¤à¤¾à¤ª का जीवन चकà¥à¤° अनेक पà¥à¤°à¤•ार की कठिनाइयों से शà¥à¤°à¥‚ होकर कठिनाइयों पर ही…