ताराबाई à¤à¥Œà¤‚सले छतà¥à¤°à¤ªà¤¤à¤¿ शिवाजी की पà¥à¤¤à¥à¤°-वधू थी। यह वीरांगना राजाराम की पतà¥à¤¨à¥€ थी। शिवाजी के दà¥à¤µà¤¿à¤¤à¥€à¤¯ पà¥à¤¤à¥à¤° राजाराम की यह पतà¥à¤¨à¥€ बड़ी वीर और साहसी थी। शिवाजी की मृतà¥à¤¯à¥ के बाद शमà¥à¤à¤¾à¤œà¥€ और शमà¥à¤à¤¾à¤œà¥€ के बाद शाहू ने राजà¥à¤¯-संचालन किया, किनà¥à¤¤à¥ शाहू को औरंगज़ेब ने कैद में डाल रखा था। à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में इस वीर नारी ने मराठा शकà¥à¤¤à¤¿ का संगठन किया और मà¥à¤—़ल राजà¥à¤¯ पर कई बार सफलता पूरà¥à¤µà¤• हमले कर छापे मारे। ताराबाई के इस कारà¥à¤¯ में उसके विशà¥à¤µà¤¸à¥à¤¤ सेनापति शंकर नारायण का पूरà¥à¤£ सहयोग मिलता रहा।
जिस हिनà¥à¤¦à¥‚ राजà¥à¤¯ की नींव डालने का कारà¥à¤¯ सन १६à¥à¥ª में शिवाजी ने किया, उसे ताराबाई ने आगे बढ़ाने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ किया। सन १६८० में ससà¥à¤° शिवाजी की और सन १à¥à¥¦à¥¦ में पति राजाराम की मृतà¥à¤¯à¥ के उपरानà¥à¤¤ à¤à¥€ यह वीरांगना मà¥à¤—़लों से सदा संघरà¥à¤· करती रही। औरंगज़ेब ने मराठों के कई दà¥à¤°à¥à¤—ों पर अधिकार कर लिया था, उनमें से सिंहगढ़, पूना और पà¥à¤°à¤¨à¥à¤¦à¤° तीनों किलों पर ताराबाई ने पà¥à¤¨à¤ƒ अपना अधिकार सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¿à¤¤ कर पूरे महाराषà¥à¤Ÿà¥à¤° में अपनी वीरता की धाक जमा दी थी। à¤à¤• ओर जहां उसके विशà¥à¤µà¤¾à¤¸à¤ªà¤¾à¤¤à¥à¤° सहयोगियों और शà¥à¤à¤¾à¤•ांकà¥à¤·à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को ताराबाई की सफलता पर हरà¥à¤· और गरà¥à¤µ था, वहीं शाहू और उसके दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ समरà¥à¤¥à¤¿à¤¤ लोग ताराबाई के विरà¥à¤¦à¥à¤§ विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ षडà¥à¤¯à¤‚तà¥à¤° रचकर उसके कारà¥à¤¯ में बाधक बन रहे थे। वीर ताराबाई ने सबका दृढ़ता और अदमà¥à¤¯ साहस से मà¥à¤•ाबला किया और विशà¥à¤µà¤¾à¤¸à¤˜à¤¾à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ व षडà¥à¤¯à¤‚तà¥à¤°à¤•ारियों के सारे इरादों को विफल कर दिया।
शाहू की मृतà¥à¤°à¥à¤¯à¥ के बाद तरबी का पौतà¥à¤° रामराज गदà¥à¤¦à¥€ पर बैठा। à¤à¤• समय बालाजी पेशवा पूना पर अधिकार कर पूरी राजà¥à¤¯ सतà¥à¤¤à¤¾ हड़पने को उतà¥à¤¸à¥à¤• था। उसने रामराज को कैद कर दिया। à¤à¤• समय ताराबाई की अवसà¥à¤¥à¤¾ à¥à¥¦ साल की थी पर साहस अब à¤à¥€ कम न था। उसने पेशवा को परासà¥à¤¤ करके पूना पर आकà¥à¤°à¤®à¤£ किया, वह डर कर à¤à¤¾à¤— गया और तरबी ने पूना पर आधिपतà¥à¤¯ सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¿à¤¤ किया व अपने पौतà¥à¤° रामराज को कैद से छà¥à¤¡à¤¼à¤µà¤¾à¤¯à¤¾à¥¤ जीवन à¤à¤° संघरà¥à¤· करते हà¥à¤ ताराबाई ने जिस रणकà¥à¤¶à¤²à¤¤à¤¾,कूटनीतिजà¥à¤žà¤¤à¤¾ व बà¥à¤¦à¥à¤§à¤¿à¤®à¤¤à¤¾ का परिचय दिया, वह अनà¥à¤•रणीय है।
डा.विकà¥à¤°à¤®à¤¸à¤¿à¤‚ह राठौड़,गà¥à¤¨à¥à¤¦à¥‹à¤œ
राजसà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥€ शोध संसà¥à¤¥à¤¾à¤¨, चोपासनी, जोधपà¥à¤°
यदि आप à¤à¤¸à¥€ गà¥à¤£à¤µà¤¤à¥€ व पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤µà¤¾à¤¨ कनà¥à¤¯à¤¾ के लिठसà¥à¤¯à¥‹à¤—à¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ वर की तलाश में है तो आज ही राजशाही विवाह – Rajput Matrimonial Website पर अपना पंजीयन निशà¥à¤²à¥à¤• करवायें।
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राजसà¥à¤¥à¤¾à¤¨ के मारवाड़ राजà¥à¤¯ में आलणियावास गà¥à¤°à¤¾à¤® के ठाकà¥à¤° विजयसिंह की धरà¥à¤®à¤ªà¤¤à¥à¤¨à¥€ बजरंग दे कछवाही…
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आज रविवार दिनांक २१ जà¥à¤²à¤¾à¤ˆ २०२४ को जयपà¥à¤° की कà¥à¤·à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤£à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ ने à¤à¤• à¤à¤¤à¤¿à¤¹à¤¾à¤¸à¤¿à¤• आयोजन किया।…
महाराणा पà¥à¤°à¤¤à¤¾à¤ª का जीवन चकà¥à¤° अनेक पà¥à¤°à¤•ार की कठिनाइयों से शà¥à¤°à¥‚ होकर कठिनाइयों पर ही…