à¤à¤—वान का मंदिर जिसमे à¤à¤•à¥à¤¤ पूजा करने जाते है अपनों के लिठअपने देश के लिठसà¥à¤– शांति और खà¥à¤¶à¤¹à¤¾à¤²à¥€ की पà¥à¤°à¤¾à¤°à¥à¤¥à¤¨à¤¾ करते है। वापिस आते वकà¥à¤¤ अपने साथ पà¥à¤°à¤¸à¤¾à¤¦ लाते है और बांटते है। गिरिजाघर में लोग जाते है अपने पà¥à¤°à¤à¥ को याद करते है अपने और अपने लोगों के लिठपà¥à¤°à¤¾à¤°à¥à¤¥à¤¨à¤¾ करते है। फिर ये कैसा धरà¥à¤® है जिसमे लोग मसà¥à¤œà¤¿à¤¦ में जाते है अपने अलà¥à¤²à¤¾à¤¹ से पà¥à¤°à¤¾à¤°à¥à¤¥à¤¨à¤¾ करने के नाम से नमाज पà¥à¤¤à¥‡ है लेकिन आते समय हाथ में पतà¥à¤¥à¤° लेकर आते है और शहर कसà¥à¤¬à¥‹à¤‚ को लूटना और जलाने का काम करते है। कà¥à¤¯à¤¾ यही पà¥à¤°à¤¸à¤¾à¤¦ बांटा जाता है इनके यहाठ?
कà¥à¤› दिनों से देखने में यही आ रहा है जैसा उतà¥à¤¤à¤° पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ के पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤—राज, सहारनपà¥à¤° और कानपूर में देखने को मिला जैसा à¤à¤¾à¤°à¤–णà¥à¤¡ के रांची में और पशà¥à¤šà¤¿à¤® बंगाल में देखने को मिला। मà¥à¤¸à¥à¤²à¤¿à¤® यà¥à¤µà¤•ों ने जैसा शांतिपूरà¥à¤£ आंदोलन करते हà¥à¤ पà¥à¤²à¤¿à¤¸à¤µà¤¾à¤²à¥‹à¤‚ को और दà¥à¤•ानदारों को पतà¥à¤¥à¤° वाला पà¥à¤°à¤¸à¤¾à¤¦ बांटा वह दिखाता है की ये किस पà¥à¤°à¤•ार का धारà¥à¤®à¤¿à¤• जà¥à¤žà¤¾à¤¨ इन यà¥à¤µà¤•ों को इनके मौलाना दे रहे है। कà¥à¤› लोग ये कह रहे है कि यà¥à¤µà¤•ों का कोई दोष नहीं है ये तो मासूम बेगà¥à¤¨à¤¾à¤¹ है ये तो à¤à¤Ÿà¤•े हà¥à¤ यà¥à¤µà¤¾ है जिनà¥à¤¹à¥‡ मजहबी नेताओं और राजनितिक पारà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के नेताओं ने à¤à¥œà¤•ा कर उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ उकसा कर ये कारà¥à¤¯ करवाया गया। à¤à¤¾à¤ˆ ठीक है लोगों ने इन यà¥à¤µà¤¾à¤“ं को à¤à¥œà¤•ाया इनà¥à¤¹à¥‡ उकसाया लेकिन जब वह लोग ये कर रहे थे तो कà¥à¤¯à¤¾ इन यà¥à¤µà¤•ों का दिमाग à¤à¥ˆà¤‚स है जो उस वकà¥à¤¤ चारा चरने चला गया था।
ये सही बात है कि कà¥à¤› राजनितिक लोग और मजहबी उलेमा मौलाना ये चाहते है कि देश में जिस पà¥à¤°à¤•ार à¤à¤¾à¤œà¤ªà¤¾ की लोकपà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¤à¤¾ बà¥à¥€ है दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ में à¤à¤¾à¤°à¤¤ की जो तसà¥à¤µà¥€à¤° उà¤à¤° कर आई है जिस पà¥à¤°à¤•ार दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾à¤à¤° के देश à¤à¤¾à¤°à¤¤ का लोहा मान रहे है उससे à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ जनता का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ à¤à¤Ÿà¤•ा कर à¤à¤¾à¤œà¤ªà¤¾ के खिलाफ à¤à¤• माहौल बनाया जाये।
दूसरी ओर जिस पà¥à¤°à¤•ार पिछले दिनों में à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ हिनà¥à¤¦à¥‚ समाज के वो सà¤à¥€ à¤à¤¤à¤¿à¤¹à¤¾à¤¸à¤¿à¤• सच धारà¥à¤®à¤¿à¤• सच जोकि कहीं न कहीं मà¥à¥šà¤²à¥‹à¤‚ ओर कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ छिपा दिठगठथे, सामने आने लगे है ओर à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ हिनà¥à¤¦à¥‚ समाज जिस पà¥à¤°à¤•ार अपने अधिकारों के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ जाग रहा है, जिस पà¥à¤°à¤•ार जागृति आ रही है वह मà¥à¤¸à¥à¤²à¤¿à¤® समाज ओर उनको लमà¥à¤¬à¥‡ समय से वोटबैंक मानने वाले कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸, समाजवादी पारà¥à¤Ÿà¥€, टीà¤à¤®à¤¸à¥€ व à¤à¤†à¤ˆà¤à¤®à¤†à¤ˆà¤à¤® जैसे राजनितिक दलों को रास नहीं आ रही है। उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ उनकी राजनितिक जमीन खिसकती दिखाई दे रही है। इन सà¤à¥€ दलों व मà¥à¤²à¥à¤²à¤¾ मौलवियों को अपनी रोटियां सेकने का मौका कà¤à¥€ न कà¤à¥€ मिलता रहता है जिस पà¥à¤°à¤•ार à¤à¤• टीवी चैनल पर डिबेट में à¤à¤¾à¤œà¤ªà¤¾ की नूपà¥à¤° शरà¥à¤®à¤¾ के मà¥à¤à¤¹ से निकले शबà¥à¤¦ ही कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ न हो।
जिस पà¥à¤°à¤•ार नूपà¥à¤° शरà¥à¤®à¤¾ के शबà¥à¤¦à¥‹à¤‚ को लेकर पà¥à¤°à¥‡ à¤à¤¾à¤°à¤¤ ओर दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के सà¤à¥€ मà¥à¤¸à¥à¤²à¤¿à¤® देशों ने बवाल खड़ा किया हà¥à¤† है। उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ ये सोचना चाहिठकी ये शबà¥à¤¦ जो वह दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ से छà¥à¤ªà¤¾à¤¤à¥‡ आ रहे है उनके इस बवाल से ओर जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पूरी दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ को पता चल गठहै ओर यही नहीं बलà¥à¤•ि पूरी दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ ये जान गई है की नूपà¥à¤° शरà¥à¤®à¤¾ के कहे शबà¥à¤¦à¥‹à¤‚ से कहीं जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ इसà¥à¤²à¤¾à¤®à¥€ पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤•ों में इन बातों का जिकà¥à¤° है। चाहे पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤•ों में ही सही पर कà¥à¤¯à¤¾ इस बात में कà¥à¤› सचà¥à¤šà¤¾à¤ˆ तो नहीं ? कà¥à¤¯à¤¾ ये सब बवाल करने वाले अपने ही लोगो के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ लिखी गई पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤•ों से उन बातों को हटा सकते है। कà¥à¤¯à¤¾ उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ à¤à¥à¤Ÿà¤²à¤¾ सकते है ? पर इनà¥à¤¹à¥‡ कौन समà¤à¤¾à¤ मोर जितना पंख उठाता है नंगा ही दीखता है। तो समà¤à¤¦à¤¾à¤°à¥€ तो इसी बात में है अपने बवाल को ख़तà¥à¤® करते हà¥à¤ शांति से रहो जिससे दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ को ओर बातें न पता चल सके।
वैसे इन सà¤à¥€ बवालों के पीछे नूपà¥à¤° शरà¥à¤®à¤¾ का बयान तो सिरà¥à¤« à¤à¤• हथियार की तरह काम में लिया गया है मà¥à¤–à¥à¤¯ मà¥à¤¦à¥à¤¦à¤¾ तो देश में चल रहे हिंदà¥à¤¤à¥à¤µ जागरण का है। जिस पà¥à¤°à¤•ार जà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤µà¤¾à¤ªà¥€, काशी विशà¥à¤µà¤¨à¤¾à¤¥, मथà¥à¤°à¤¾ कृषà¥à¤£ जनà¥à¤®à¤à¥‚मि के मà¥à¤¦à¥à¤¦à¥‡ अदालतों में जा रहे है ओर उनके पà¥à¤–à¥à¤¤à¤¾ पà¥à¤°à¤®à¤¾à¤£ दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के सामने आ रहे है, सेकà¥à¤²à¤° पारà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ ओर मà¥à¤¸à¥à¤²à¤¿à¤® समाज में डर बà¥à¤¤à¤¾ जा रहा है की कहीं राजनितिक दलों का वोट बैंक न चला जाये। कहीं वह मसà¥à¤œà¤¿à¤¦à¥‡ फिर से मंदिर ना बन जाये तो इनके लà¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‡ पूरà¥à¤µà¤œà¥‹à¤‚ ने मंदिरों को लूटकर ओर तबाह करके बनाई थी। पर अब समय जागरण का है जागà¥à¤°à¤¤à¤¿ का है। अब हिंदà¥à¤¤à¥à¤µ को समापà¥à¤¤ करने का दमà¥à¤ à¤à¤°à¤¨à¥‡ वाले पपà¥à¤ªà¥‚ अपनी हसà¥à¤¤à¥€ को बचाने में लगे है। उनकी राजनितिक à¤à¥‚मि उनके पैरों के निचे से खिसकने लगी है।
रही बात दंगों की तो देश अब मौनी बाबा जैसी कठपà¥à¤¤à¤²à¥€ के हाथ में नहीं, मोदी – योगी के हाथ में है। मोदी के कà¥à¤¶à¤² राज पà¥à¤°à¤¬à¤‚धन ओर योगी के बà¥à¤²à¤¡à¥‹à¤œà¤° के आगे ये दंगाई दà¥à¤¹à¤¾à¤ˆ देते ही नजर आà¤à¤‚गे।
नोट: यह लेख किसी à¤à¥€ धरà¥à¤® की धारà¥à¤®à¤¿à¤• à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤“ं को ठेस पहà¥à¤‚चाने के लिठनहीं बलà¥à¤•ि सà¤à¥€ धरà¥à¤®à¥‹ के लोगो में à¤à¤• जागृति लाने व शांति व सदà¥à¤à¤¾à¤µ से रहने के लिठहै।
I am Gagan Singh Shekhawat, a renowned online marketer with extensive experience and expertise in internet marketing. Beyond my professional career, I have always carried a deep desire to unfold the majestic and mystical glory of India and share it with the world. From this vision, the foundation of ‘Our Society’ was born-an initiative that is truly my brainchild.
Through Our Society, I strive to cover every aspect of India’s identity-be it social, cultural, political, or historical-leaving no stone unturned. I firmly believe in the power of blogging to inspire and create impact, and with this belief, I introduced the unique concept of Our Society to help people discover and experience the magnificent heritage and essence of India.
