३१ मई १à¥à¥¨à¥« में जनà¥à¤®à¥€ अहिलà¥à¤¯à¤¾à¤¬à¤¾à¤ˆ आननà¥à¤¦à¤°à¤¾à¤µ सिंधिया (मनकोजी) की होनहार पà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ थी। नीति निपà¥à¤£, धरà¥à¤®à¤œà¥à¤ž व नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤ªà¥à¤°à¤¿à¤¯ तथा शीलवती…
चनà¥à¤¦à¥à¤°à¤ªà¥à¤° की राजकà¥à¤®à¤¾à¤°à¥€ मयणलà¥à¤² चालà¥à¤•à¥à¤¯ नरेश करà¥à¤£ की वीरता पर मà¥à¤—à¥à¤§ थी। राजा करà¥à¤£ वीर होने के साथ-साथ अतà¥à¤¯à¤¨à¥à¤¤ सà¥à¤¨à¥à¤¦à¤°…
वाकपà¥à¤·à¥à¤Ÿà¤¾ काशà¥à¤®à¥€à¤° के पà¥à¤°à¤¤à¤¾à¤ªà¥€ राजा तà¥à¤œà¥€à¤¨ की रानी थी। राजा तà¥à¤œà¥€à¤¨ ने पà¥à¤°à¤œà¤¾ के हित में बहà¥à¤¤ से कारà¥à¤¯ किये…
चारà¥à¤®à¤¤à¥€ किशनगढ़ के राजा रूपसिंह की पà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ थी। रूपसिंह की मृतà¥à¤¯à¥ के उपरानà¥à¤¤ उसका पà¥à¤¤à¥à¤° मानसिंह उसका उतà¥à¤¤à¤°à¤¾à¤§à¤¿à¤•ारी हà¥à¤†à¥¤ चारà¥à¤®à¤¤à¥€…
नीलदेवी नूरपà¥à¤° (पंजाब) के राजा सूरजदेव की रानी, संगीत और नृतà¥à¤¯ विदà¥à¤¯à¤¾ में पारंगत थी। अबà¥à¤¦à¥à¤²à¤¶à¤°à¥€à¤« खां नामक आकà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥à¤¤à¤¾ ने…
जैसलमेर के महारावल हरराज की पà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ चाà¤à¤ªà¤¾à¤¦à¥‡ को अपने पिता से ही कावà¥à¤¯-सृजन की पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤£à¤¾ मिली। महारावल हरराज सà¥à¤µà¤¯à¤‚ पिंगल…
मेवाड़ के महाराणा समरसिंह की पà¥à¤°à¤¥à¤® रानी पृथा अपने पति के साथ सती हो गयी। दूसरी रानी करà¥à¤®à¤¦à¥‡à¤µà¥€ (करà¥à¤£à¤¾à¤µà¤¤à¥€) थी…
राजा कà¥à¤¶à¤§à¥à¤µà¤œ की तपसà¥à¤¯à¤¾ से पà¥à¤°à¤¸à¤¨à¥à¤¨ हो सà¥à¤µà¤¯à¤‚ साकà¥à¤·à¤¾à¤¤à¥ महालकà¥à¤·à¥à¤®à¥€ ने पà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ रूप में पà¥à¤°à¤•ट होने का वरदान दिया। महारानी…
गà¥à¤œà¤°à¤¾à¤¤ पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥à¤¤ में काकरेची पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ के अनà¥à¤¤à¤°à¥à¤—त दियोधर नाम का गाà¤à¤µ है। अगराजी बाघेला दियोधर के ठाकà¥à¤° थे और काकरेची…
मà¥à¤²à¥à¤¤à¤¾à¤¨ की राजकà¥à¤®à¤¾à¤°à¥€ रूपसà¥à¤‚दरी गà¥à¤œà¤°à¤¾à¤¤ के राजा जयशिखर की रानी थी। रूपसà¥à¤‚दरी का सौनà¥à¤¦à¤°à¥à¤¯ अपà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤® था, फिर à¤à¥€ उसे अà¤à¤¿à¤®à¤¾à¤¨…