जयपà¥à¤°, 3 अगसà¥à¤¤à¥¤
रविवार को होटल अमर पैलेस, अजमेर रोड, जयपà¥à¤° में पारंपरिक रंगों से सजा “सतरंगी लहरियो” कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® à¤à¤µà¥à¤¯ रूप से संपनà¥à¤¨ हà¥à¤†à¥¤ राजसà¥à¤¥à¤¾à¤¨ की लोक-संसà¥à¤•ृति को समरà¥à¤ªà¤¿à¤¤ इस महिला-केंदà¥à¤°à¤¿à¤¤ सांसà¥à¤•ृतिक आयोजन में 250 से अधिक महिलाओं ने उतà¥à¤¸à¤¾à¤¹à¤ªà¥‚रà¥à¤µà¤• à¤à¤¾à¤— लिया और राजसà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥€ परिधानों में à¤à¥‚मते हà¥à¤ सावन और तीज के उलà¥à¤²à¤¾à¤¸ को मनाया।
कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® का आगाज़ तीज माता के पूजन से हà¥à¤†, जिसमें उपसà¥à¤¥à¤¿à¤¤ सà¤à¥€ महिलाओं ने पारंपरिक रीति-रिवाज़ों के साथ पूजा-अरà¥à¤šà¤¨à¤¾ कर तीज महोतà¥à¤¸à¤µ की शà¥à¤à¤•ामनाà¤à¤ दीं। पूजा के पशà¥à¤šà¤¾à¤¤ रंगारंग पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ की शà¥à¤°à¥ƒà¤‚खला पà¥à¤°à¤¾à¤°à¤‚ठहà¥à¤ˆ, जिसमें महिलाओं ने पूरे उतà¥à¤¸à¤¾à¤¹ के साथ à¤à¤¾à¤— लिया।
कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® की विशेष आकरà¥à¤·à¤£ रहीं अंतरराषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ कालबेलिया नृतà¥à¤¯à¤¾à¤‚गना लीला कालबेलिया, जिनके मनमोहक पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¥à¤¤à¤¿ ने दरà¥à¤¶à¤•ों को मंतà¥à¤°à¤®à¥à¤—à¥à¤§ कर दिया।
कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® में बतौर मà¥à¤–à¥à¤¯ अतिथि राजसà¥à¤¥à¤¾à¤¨ सरकार के गृह राजà¥à¤¯ मंतà¥à¤°à¥€ शà¥à¤°à¥€ जवाहर सिंह बेà¥à¤® तथा कà¥à¤®à¥à¤¹à¥‡à¤° विधायक शà¥à¤°à¥€ शैलेश दिगमà¥à¤¬à¤° फौजदार ने शिरकत की। विशिषà¥à¤Ÿ अतिथियों में रानीसा महेंदà¥à¤° कंवर (बसà¥à¤¸à¥€), ललितेश शेखावत, राजसà¥à¤¥à¤¾à¤¨ के पà¥à¤°à¤¸à¤¿à¤¦à¥à¤§ अà¤à¤¿à¤¨à¥‡à¤¤à¤¾ शà¥à¤°à¤µà¤£ सागर सहित अनà¥à¤¯ गणमानà¥à¤¯ अतिथियों ने अपनी गरिमामयी उपसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ दरà¥à¤œ कराई।
आयोजकों दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ सà¤à¥€ विशिषà¥à¤Ÿ अतिथियों का राजसà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥€ परंपरा अनà¥à¤¸à¤¾à¤° सà¥à¤µà¤¾à¤—त किया गया, जहाठपà¥à¤°à¥à¤· अतिथियों को राजसà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥€ साफा पहनाकर समà¥à¤®à¤¾à¤¨à¤¿à¤¤ किया गया। सà¤à¥€ अतिथियों को उपहार à¤à¥‡à¤‚ट कर आयोजकों ने आà¤à¤¾à¤° वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤ किया।
महिलाओं ने कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® में राजसà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥€ गीतों पर जमकर नृतà¥à¤¯ किया तथा विविध मनोरंजक खेलों में à¤à¤¾à¤— लेकर पूरा आयोजन का à¤à¤°à¤ªà¥‚र आनंद लिया। विजेताओं को उपहार à¤à¥€ पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ किठगà¤à¥¤
कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® के अंत में सà¤à¥€ उपसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤œà¤¨à¥‹à¤‚ के लिठसà¥à¤µà¤¾à¤¦à¤¿à¤·à¥à¤Ÿ à¤à¥‹à¤œ की वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ की गई, जो आयोजन का à¤à¤• और आकरà¥à¤·à¤£ रहा।
मà¥à¤–à¥à¤¯ आयोजक शैलू खींची à¤à¤µà¤‚ जयशà¥à¤°à¥€ राठौड़ ने बताया कि “राजसà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥€ संसà¥à¤•ृति और पारंपरिक परिधानों की पहचान ‘लहरियो’ को जीवित रखने तथा सावन के इस उतà¥à¤¸à¤µ को महिला शकà¥à¤¤à¤¿ के संग मिलकर मनाने के उदà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥à¤¯ से यह आयोजन किया गया।†उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने आगे कहा, “तीज जैसे पारंपरिक तà¥à¤¯à¥‹à¤¹à¤¾à¤°à¥‹à¤‚ में ‘लहरिया’ पहनने की विशेष मानà¥à¤¯à¤¤à¤¾ है और इसी à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ को केंदà¥à¤° में रखते हà¥à¤ इस सांसà¥à¤•ृतिक कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® की परिकलà¥à¤ªà¤¨à¤¾ की गई।â€
आयोजक टीम की रीढ़ बनी – आकांकà¥à¤·à¤¾ गà¥à¤ªà¥à¤¤à¤¾, शà¥à¤°à¥à¤¤à¤¿ शरà¥à¤®à¤¾ और संतोष नाथावत जिनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने पूरे कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® की जिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤°à¥€ बखूबी निà¤à¤¾à¤ˆ और हर गतिविधि को सà¥à¤‚दर ढंग से संचालित किया। साथ ही सह-संयोजकों – खà¥à¤¶à¤¬à¥‚ माहेशà¥à¤µà¤°à¥€, पूजा राठौड़, निरमा राठौड़, ऋदà¥à¤§à¤¿ लालवानी, मोनिका नाथावत, सà¥à¤°à¥‡à¤–ा राठौड़ और चेतना मिशà¥à¤°à¤¾ और होसà¥à¤Ÿ पिंकी जी के समरà¥à¤ªà¤£ और मेहनत से सारी वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾à¤à¤ सà¥à¤šà¤¾à¤°à¥‚ रूप से संपनà¥à¤¨ हà¥à¤ˆà¤‚।
कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® ने न केवल परंपरा और संसà¥à¤•ृति को संजोया, बलà¥à¤•ि महिलाओं को à¤à¤• मंच पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ कर उनके आतà¥à¤®à¤µà¤¿à¤¶à¥à¤µà¤¾à¤¸ व उतà¥à¤¸à¤µ-à¤à¤¾à¤µ को à¤à¥€ नई उड़ान दी।



