चारà¥à¤®à¤¤à¥€ किशनगढ़ के राजा रूपसिंह की पà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ थी। रूपसिंह की मृतà¥à¤¯à¥ के उपरानà¥à¤¤ उसका पà¥à¤¤à¥à¤° मानसिंह उसका उतà¥à¤¤à¤°à¤¾à¤§à¤¿à¤•ारी हà¥à¤†à¥¤ चारà¥à¤®à¤¤à¥€…
नीलदेवी नूरपà¥à¤° (पंजाब) के राजा सूरजदेव की रानी, संगीत और नृतà¥à¤¯ विदà¥à¤¯à¤¾ में पारंगत थी। अबà¥à¤¦à¥à¤²à¤¶à¤°à¥€à¤« खां नामक आकà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥à¤¤à¤¾ ने…
जैसलमेर के महारावल हरराज की पà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ चाà¤à¤ªà¤¾à¤¦à¥‡ को अपने पिता से ही कावà¥à¤¯-सृजन की पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤£à¤¾ मिली। महारावल हरराज सà¥à¤µà¤¯à¤‚ पिंगल…
मेवाड़ के महाराणा समरसिंह की पà¥à¤°à¤¥à¤® रानी पृथा अपने पति के साथ सती हो गयी। दूसरी रानी करà¥à¤®à¤¦à¥‡à¤µà¥€ (करà¥à¤£à¤¾à¤µà¤¤à¥€) थी…
राजा कà¥à¤¶à¤§à¥à¤µà¤œ की तपसà¥à¤¯à¤¾ से पà¥à¤°à¤¸à¤¨à¥à¤¨ हो सà¥à¤µà¤¯à¤‚ साकà¥à¤·à¤¾à¤¤à¥ महालकà¥à¤·à¥à¤®à¥€ ने पà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ रूप में पà¥à¤°à¤•ट होने का वरदान दिया। महारानी…
गà¥à¤œà¤°à¤¾à¤¤ पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥à¤¤ में काकरेची पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ के अनà¥à¤¤à¤°à¥à¤—त दियोधर नाम का गाà¤à¤µ है। अगराजी बाघेला दियोधर के ठाकà¥à¤° थे और काकरेची…
मà¥à¤²à¥à¤¤à¤¾à¤¨ की राजकà¥à¤®à¤¾à¤°à¥€ रूपसà¥à¤‚दरी गà¥à¤œà¤°à¤¾à¤¤ के राजा जयशिखर की रानी थी। रूपसà¥à¤‚दरी का सौनà¥à¤¦à¤°à¥à¤¯ अपà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤® था, फिर à¤à¥€ उसे अà¤à¤¿à¤®à¤¾à¤¨…
ताराबाई à¤à¥Œà¤‚सले छतà¥à¤°à¤ªà¤¤à¤¿ शिवाजी की पà¥à¤¤à¥à¤°-वधू थी। यह वीरांगना राजाराम की पतà¥à¤¨à¥€ थी। शिवाजी के दà¥à¤µà¤¿à¤¤à¥€à¤¯ पà¥à¤¤à¥à¤° राजाराम की यह…
छतà¥à¤°à¤•à¥à¤‚वरी किशनगढ़ (रूपनगर) के महाराजा सरदार सिंह की पà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ थी। उनका विवाह राधोगढ़ के महाराजा बहादà¥à¤° सिंह खीची के साथ…
जसवंत दे बूनà¥à¤¦à¥€ के राव हाडा की पà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ थी। हाडा वंश की यह राजकà¥à¤®à¤¾à¤°à¥€ अतà¥à¤¯à¤‚त वीर और साहसी थी। जोधपà¥à¤°…
बà¥à¤°à¤¹à¥à¤®à¤¾à¤µà¤°à¥à¤¤ देश के अधिपति महाराज सà¥à¤µà¤¾à¤¯à¤®à¥à¤à¥à¤µ मनॠकी लावणà¥à¤¯à¤®à¤¯à¥€ पà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ देवहूति बड़ी गà¥à¤£à¤¶à¥€à¤²à¤¾ थी । देवहूति की माता का नाम…
विदरà¥à¤à¤°à¤¾à¤œ की कनà¥à¤¯à¤¾ लोपामà¥à¤¦à¥à¤°à¤¾ का जनà¥à¤® राजकà¥à¤² में हà¥à¤† था। लोपामà¥à¤¦à¥à¤°à¤¾ महरà¥à¤·à¤¿ अगसà¥à¤¤à¥à¤¯ की सहधरà¥à¤®à¤¿à¤£à¥€ बनी। बालà¥à¤¯à¤•ाल से ही जो…